बशीर बद्र

कभी पा के तुझको खोना, कभी खो के तुझको पाना

ये जनम-जनम का रिश्ता, तेरे मेरे दर्मियाँ है

(रिश्ता-relationship / तेरे मेरे दर्मियाँ-between us)

उन्हीं रास्तों पे जिनपर, कभी तुम थे साथ मेरे

मुझे रोक रोक पूछा, तेरा हमसफ़र कहाँ है

(हमसफ़र- companion)

मैं इसी गुमाँ में बरसों, बड़ा मुत्मईं रहा हूँ

तेरा जिस्म बेतयग्गुर, मेरा प्यार जाविदां है

(गुमाँ-suspicion / मुत्मईं-content, satisfied / जिस्म-body / बेतयग्गुर-changeless / जाविदां-eternal)


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